मुझे ऐसा तिरंगा चाहिए

मुझे ऐसा तिरंगा चाहिए

क्या तिरंगा सिर्फ़ छतों पर लहराएगा, या बच्चों की किताबों, युवाओं के रोज़गार, किसानों की उम्मीद और हर नागरिक की बराबरी में भी दिखाई देगा?

मुझे ऐसा तिरंगा चाहिए

आज फिर तिरंगा
घर की छत पर लहरा रहा है।
हवा में उसकी सरसराहट है,
आँखों में थोड़ा-सा गर्व।

अच्छा लगता है।

मगर
मुझे एक और तिरंगा चाहिए।

जो किसी सरकारी स्कूल की
टूटी खिड़की से झाँके
और बच्चे की कॉपी के खाली पन्ने पर
एक पूरा भविष्य लिख दे।

मुझे वह तिरंगा चाहिए
जो डिग्री हाथ में लिए
किसी नौजवान से यह पूछे,
अब कहाँ जाओगे?”
बल्कि उसका हाथ थामकर कहे,
चलो, तुम्हारे हुनर की
एक जगह ढूँढ़ते हैं।

मुझे वह तिरंगा चाहिए
जो बेरोज़गार दोस्तों की
शाम की चाय में भी दिखाई दे,
जहाँ कप खाली हो सकते हैं,
मगर उम्मीद नहीं।

मुझे ऐसा तिरंगा चाहिए
जिसके नीचे
मंदिर की घंटियाँ और अज़ान
एक-दूसरे की आवाज़ दबाएँ,
बल्कि मिलकर
सुबह होने की खबर दें।

जहाँ किसी बच्चे का नाम
उसका धर्म बताने से पहले
उसका सपना बताए।

जहाँ किसी इंसान को
अपनी नागरिकता,
अपनी देशभक्ति
या अपनी इंसानियत
बार-बार साबित करनी पड़े।

मुझे ऐसा तिरंगा चाहिए
जो किसान की हथेली की दरारों में
गेहूँ की बालियों-सा उगे,
मज़दूर के पसीने में चमके,
और उस माँ की आँखों में ठहरे
जिसका बेटा रोज़गार की तलाश में
घर से बहुत दूर चला गया है।

मुझे ऐसी आज़ादी चाहिए
जिसमें भूख
हर रात रोटी का पता पूछे,
जिसमें बेटी के सपनों पर
घर की चौखट पहरा दे,
और सच बोलती हुई आवाज़
पहले इजाज़त माँगे।

आज तिरंगा लहरा रहा है।

हवा में उसकी सरसराहट है,
शहर में उत्सव है,
हर हाथ में एक तस्वीर है।

बस एक सवाल
हवा में कहीं ठहरा हुआ है...

क्या तिरंगा
सिर्फ़ छतों पर रहेगा?

मुझे लगता है,
अब उसे थोड़ा-सा
ज़मीन पर भी उतरना चाहिए।

किसी बच्चे की किताब में,
किसी युवा की नौकरी में,
किसी किसान की फसल में,
किसी मज़दूर की मज़दूरी में,
किसी लड़की की उड़ान में,
किसी अल्पसंख्यक के भरोसे में,
और सबसे ज़्यादा...

हमारे भीतर।

ताकि अगली बार
जब तिरंगा हवा में लहराए,
तो सिर्फ़ झंडा हिले...

हमारे भीतर का भारत भी हिले।

और तब
आज़ादी का मतलब
सिर्फ़ एक दिन की छुट्टी नहीं,
बल्कि हर दिन
थोड़ा और इंसान होना हो।

मुझे ऐसा तिरंगा चाहिए।

 

Stay Updated with InsightfulTake

Get insightful stories, politics, culture and analysis directly in your inbox.

Subscribe Now →

Leave a Comment