महावीर-हुंकार
- Poems
- 3rd April 2026
॥ महावीर-हुंकार ॥ दो राहों पर खड़ा समय, रथ का घर्घर-नाद सुनो,नभ के...
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॥ महावीर-हुंकार ॥ दो राहों पर खड़ा समय, रथ का घर्घर-नाद सुनो,नभ के...
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कथ्य और दृष्टि के बीच कहानी जिस पक्ष से सुनोगे,सत्य उसी का आकार धर...
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निस्तब्धता की दीक्षा वह मुस्कान संदिग्ध हैजिसमें पीड़ा का कोई...
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काजल लगाने की परंपरा नन्हीं आँखों में काजल की एक गहरी रेखा,माँ के...
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नारी शक्ति जब विश्व की थकी हुई आंखेंक्षितिज की ओर उठती हैं,भारत की...
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नवयुग की नारी मार्च 2026 की सुबह मेंजब दुनिया अपनी दिशा खोज रही...
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जब रंग आत्मा को छूते हैं वसंत की यह भोर केवल ऋतु-परिवर्तन नहीं,यह समय...
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छत्रपति शिवाजी सह्याद्रि की ढलानों परजब धुंध उतरती थी,तब एक...
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When Archie’s Brought February to Life: Valentine’s Day in India Before the malls were washed in red,Before long-stemmed roses ruled the street,Love in India...
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मौनी अमावस्या माघ मास की निस्तब्ध रजनी,जब नभ में चंद्र न दिखे, मौन...
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