मुझे ऐसा तिरंगा चाहिए
- Poems
- 15th August 2026
मुझे ऐसा तिरंगा चाहिए आज फिर तिरंगाघर की छत पर लहरा रहा है।हवा में...
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मुझे ऐसा तिरंगा चाहिए आज फिर तिरंगाघर की छत पर लहरा रहा है।हवा में...
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ताल्लुक वह जो बिन कहे सुन लेता है,खामोशी के पन्नों पर लिखी...
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मुलाक़ात उम्र की चालीसवीं सीढ़ी पर आकर,एक ख़ामोश सा ठहराव मिलता...
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गुरु पूर्णिमा आज चाँद पूरा है,पर उजाला उसका अपना नहीं।वह भी किसी...
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मजबूरी ऑफ़ गोदी मीडिया प्रोफेशनल्स कलम ने आईने से पूछा,"क्या सचमुच...
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लाठी लोकतंत्र जब लाठी लोकतंत्र से बड़ी हो जाए,तो समझो समय घायल...
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तुमसे ही ऋतु, तुमसे ही प्रकाश वर्षों नेहमारे आँगन मेंऋतुओं के...
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सीमा के पार यदि तुम रात हो,तो मैं तुम्हारे लिए एक तारा बन जाना...
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हम बोलेंगे! यह तय है, अब हम बोलेंगे,तुम लाख लगाओ पहरे,हम सत्य की आवाज़...
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भूख का शंखनाद जिस लद्दाख की बर्फ़ से निकला,वह शांत मगर तूफ़ान...
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