नाज है
- Poems
- 19th April 2024
नाज़ है मुख़्तसर सी बात है,मुझे तुम पर नाज़ है,अब यही जज़्बात...
Read Full →
नाज़ है मुख़्तसर सी बात है,मुझे तुम पर नाज़ है,अब यही जज़्बात...
Read Full →
बेटी सीप-मोती सी मेरी बेटी,नदी सी अल्हड़, पंछी सी चंचल। सावन सी छन-छन...
Read Full →
एक ही बात दिन-रात एक ही बात,रग-रग में है आपका उत्पात। क्षण-क्षण का यह...
Read Full →
हवा पर नाम कभी अनकहे रिश्तों की क़दर करो,सामने रहकर कुछ असर करो। समझ...
Read Full →
दिन नीलाम मेरे ख़्वाबों के अलाव जल रहे हैं,और किसी ने उन्हें देखा ही...
Read Full →
गुलाबी-मौसम देश का मौसम अभी बड़ा गुलाबी है,हर तरफ़ सपनों की सजी हुई...
Read Full →
चुप्पी… चुप्पी…चुप्पी अच्छी है। अल्प है, फिर भी विशेष है,स्वयं...
Read Full →
चुनाव संभावनाएँ जब वास्तविक प्रतीत होने लगें,तो समझो! चुनाव आने...
Read Full →
शिव-स्तुति अनादि, सिद्ध, परमेश्वर,कल्याणकारी शिव महेश्वर।। तप, बल,...
Read Full →
सुमन के दर्शन स्मृतियों के भँवर को माथे की शिकन में कैद कर लिया,उठती...
Read Full →