• कमाल करो

    कमाल करो

    कमाल करो अगर बेमिसाल हो, तो कमाल भी करो,रोज़मर्रा के सवाल पर बवाल न...

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  • विरोधाभास

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    विरोधाभास भूलना आसान है,तो याददाश्त को क्यों अभिमान है? गिरना आम...

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  • कभी-कभी - तुम और मैं

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    कभी-कभी - तुम और मैं कभी तुम मेरे दरीचे से मुझे ढूंढों,और फिर, जमाना...

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  • अभेद्य-अनुराग

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    अभेद्य-अनुराग अनन्त आकांक्षाओ के आकाश में,अघटित अल्प अतीत अनुराग...

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  • विडंबना

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    विडंबना ईमानदारी और तिरस्कार—दोनों अक्सर साथ चलते हैं। शक है?तो...

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  • Maturity

    Maturity

    Maturity When silence begins to speak,you become mature. When you embrace differences without judgment,you become mature. When emotions no longer rule you,you become...

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