हर रिश्ता प्रेम नहीं होता

हर रिश्ता प्रेम नहीं होता

हर रिश्ता प्रेम नहीं होता। कुछ रिश्ते हमें सिर्फ़ बेहतर इंसान बनने का साहस देते हैं।

हर रिश्ता प्रेम नहीं होता

हर बार
दिल का धड़कना ही
प्रेम नहीं होता।

कुछ लोग
जीवन में इसलिए आते हैं
कि हमें
अपने भीतर का मनुष्य
दिखा सकें।

हर निकटता का अर्थ
अधिकार नहीं होता।

कुछ साथ
बस इसलिए होते हैं
कि जब दुनिया
हमें गलत समझ रही हो,
कोई एक व्यक्ति
हमारी चुप्पी भी पढ़ ले।

मुझे लगता है,

सबसे सुंदर रिश्ता वह है
जहाँ किसी को
बदलने की कोशिश नहीं होती,

जहाँ प्रश्न पूछे जाते हैं,
फैसले नहीं सुनाए जाते,

जहाँ लौटने की कोई शर्त नहीं,
फिर भी लोग लौट आते हैं।

शायद...

इंसान का सबसे बड़ा परिचय
उसका नाम नहीं,

यह है कि
किसी के जीवन में
उसकी मौजूदगी
डर कम करती है
या बढ़ा देती है।

बाकी रिश्तों के नाम
समाज तय करता है,

पर मनुष्य होने का रिश्ता
सिर्फ़ संवेदना तय करती है।

- गौतम झा

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