हम किस दिशा में चल रहे

हम किस दिशा में चल रहे

क्या हम सचमुच सही दिशा में चल रहे हैं?

हम किस दिशा में चल रहे?

बदल रही धरती की छटा,
अंबर में धुआँ-धुआँ बादल रहे,
मुद्दा बीच रख CAA का,
पक्ष-विपक्ष में आग लगी है,
कोई बताए, हम किस दिशा में चल रहे?

हम किस दिशा में चल रहे?

आगजनी, खून-खराबा,
पत्थरबाजी, शोर-शराबा,
इंसानियत के भीतर से इंसान निकल रहे,
कोई बताए, हम किस दिशा में चल रहे?

हम किस दिशा में चल रहे?

ये तबाही का मंज़र, ये जलते दुकान और घर,
कराहती इंसानियत को कोई तो सुने मगर,
नम आँखों में सपने अब भी पल रहे,
कोई बताए, हम किस दिशा में चल रहे?

हम किस दिशा में चल रहे?

पंद्रह मिनटऔरपंद्रह करोड़वाली बात,
धीरे-धीरे और गहरी करती जा रही रात,
बाज़ नहीं आते, जो रह-रहकर आग उगल रहे,
कोई बताए, हम किस दिशा में चल रहे?

हम किस दिशा में चल रहे?

कवि कुमारप्रचंड

 

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