एक वेदना
ज़िन्दगी की तपिश में भींगता ‘मौन’,
बाचाल और मुखर ‘मन’,
संवेदना का ‘छुअन’,
वेदना का ‘तन’,
निर्वाहन का ‘संस्करण’,
आकांक्षाओं का ‘भवन’,
आनंद का ‘छन’,
कोशिश की ‘लगन’,
पहेली का ‘चुभन’,
मोहकता का ‘चंदन’,
मन-आंगन का ‘सावन’,
अचरज भरे ‘प्रांगन’,
वेदना का सारा ‘आनन’।
— गौतम झा
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