रफा-दफा
- Poems
- 7th July 2024
रफ़ा-दफ़ा दबी हुई आह की गिरफ़्त में हूँ मैं,दीद की दहकती फ़ेहरिस्त...
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रफ़ा-दफ़ा दबी हुई आह की गिरफ़्त में हूँ मैं,दीद की दहकती फ़ेहरिस्त...
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कैसा है चाँद? संज्ञा यह विशेष है,सार्थक इसका संदेश है।रात का यह...
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अस्मिता 'मैं' का अस्मिता 'मैं' का, विमर्श में तय होने लगा,किरदार किसी...
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राधा–श्याम सागर-मंथन की मोहिनी,अमृत-कलश की संगिनी,भाव-भुवन की मधुर...
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समय क्या बकवास है? राम-रहीम की धरती पर,मानवता की जड़ता पर,घर-घर फैल...
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कुछ पता नहीं आवाज़ें कब शोर बन गईं, पता नहीं,ख़ामोशी कब तन्हाई बन गई,...
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ख़ुशी की बस्ती ख़ुशी का एहसास तो सबके पास है,जैसे कोई दूर होकर भीदिल...
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जज्बातों का मरहम लोग कहते हैं, वक़्त के साथ बदलना ज़रूरी है,दूसरों...
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जय महाकाल ब्रह्मांड जिसके नेत्रों में,भृकुटि में समाया काल...
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जन्माष्टमी भाद्रपद अष्टमी की रात थी, रिमझिम बरखा बरसी थी,घनघोर...
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