• बेटी

    बेटी

    बेटी सीप मोती सी मेरी बेटी,नदी सी अल्हड़ और पंछी सी चंचल ।  सावन सी...

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  • नाज है

    नाज है

    नाज है मुख्तसर सी बात है,मुझे तुम पर नाज है,अब यही जज़्बात है,कपकपी से...

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  • डिजिटल इश्क

    डिजिटल इश्क

    डिजिटल इश्क तुम्हारी उम्मीद रोज़-रोज़ जलती है…फिर भी ख़ाक नहीं...

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  • नारी

    नारी

    नारी श्रेष्ठ जीव का अंतर प्रत्यक्ष है,मानवता का मूल्य पृथक है,सत्य...

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  • बातों-बातों में

    बातों-बातों में

    बातों-बातों में नशे की बात हो,और ज़िक्र चाय का न हो—संगीन है। फूलों...

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  • चाँद में गड्ढा

    चाँद में गड्ढा

    चाँद में गड्ढा रजनी के चाँद की धरा को देखा.पाया उजालों के शहर में भी...

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  • एक मुश्किल

    एक मुश्किल

    एक मुश्किल मेरे दरख़्त के शाखों पर, पीले पत्तों के झुरमुट...

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  • नारी- विशेष

    नारी- विशेष

    नारी- विशेष तुम्हारी नायनशाला, ख़्वाबों की मधुशाला थी।वक़्त की...

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  • एक नदी -दो किनारे

    एक नदी -दो किनारे

    एक नदी -दो किनारे एक नदी के दो किनारे,समानांतर अपने पथ पर...

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  • सुख- दुख

    सुख- दुख

    सुख- दुख आधा सुख, आधा दुख,जीवन चांद सा है कुछ–कुछ। दिन के दहशत से...

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