भ्रमजाल
- Poems
- 12th April 2024
भ्रमजाल हजार बोतलों का हिसाब, तुम्हारी नज़रों की धार में है,खुल्द...
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भ्रमजाल हजार बोतलों का हिसाब, तुम्हारी नज़रों की धार में है,खुल्द...
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किसान सुबह गुरूर में था, दोपहर ने उसे चूर कर दिया,धरती के पुत्र किसान...
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सुमन के दर्शन स्मृतियों के भँवर को माथे की शिकन में कैद कर लिया,उठती...
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शिव-स्तुति अनादि, सिद्ध, परमेश्वर,कल्याणकारी शिव महेश्वर।। तप, बल,...
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चुनाव संभावनाएँ जब वास्तविक प्रतीत होने लगें,तो समझो! चुनाव आने...
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चुप्पी… चुप्पी…चुप्पी अच्छी है। अल्प है, फिर भी विशेष है,स्वयं...
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गुलाबी-मौसम देश का मौसम अभी बड़ा गुलाबी है,हर तरफ़ सपनों की सजी हुई...
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दिन नीलाम मेरे ख़्वाबों के अलाव जल रहे हैं,और किसी ने उन्हें देखा ही...
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हवा पर नाम कभी अनकहे रिश्तों की क़दर करो,सामने रहकर कुछ असर करो। समझ...
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एक ही बात दिन-रात एक ही बात,रग-रग में है आपका उत्पात। क्षण-क्षण का यह...
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