वैशाली : अनन्त गाथा
- Poems
- 12th September 2025
वैशाली वैशाली—जहाँ धरती पर इतिहास मुस्कुराता है,गंगा की पावन...
Read Full →
वैशाली वैशाली—जहाँ धरती पर इतिहास मुस्कुराता है,गंगा की पावन...
Read Full →
नेपाल की ज्वाला मत पूछो, क्यों धधक उठीं गलियाँ काठमांडू की,युवा रक्त...
Read Full →
सहकर्मी रूपवती वह दफ़्तर की रोशनी में नहीं,जैसे चाँद की शीतल धारा...
Read Full →
मिथिला-गाथा जनकपुर की पुण्यभूमि, जहाँ जानकी उत्पन्न हुई,यज्ञ-अग्नि...
Read Full →
The Dowry Flame of Nikki O India, land of golden dawns and shadowed nights,Why do your daughters burn in hearths of blighted rites?In Greater Noida’s streets, a young heart...
Read Full →
गणेश चतुर्थी सज गए पंडाल, चमक उठा बाज़ार,ढोल-नगाड़ों में डूबा...
Read Full →
मैं ही शिव हूँ मैं असीम आकाश की गहराई हूँ,मैं हर श्वास की परछाईं...
Read Full →
वेदों की ज्योति अनादि काल की गूँज है वेद,जहाँ ऋषियों ने सुनी थी...
Read Full →
माँ काली वह काली है—जिसकी हँसी में बिजली गरजती है,जिसकी आँखों में...
Read Full →
निर्वाण की शरण मैं झुकता हूँ उस शक्ति के आगे,जो साँसों से भी हल्की...
Read Full →