भवसागर का तट: गुरु कृपा और राम भक्ति
- Poems
- 27th September 2025
गुरु कृपा और राम भक्ति वाणी की आदिम धारा में छुपा है सृष्टि का...
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गुरु कृपा और राम भक्ति वाणी की आदिम धारा में छुपा है सृष्टि का...
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बालक राम कठिन शिवधनुष विसुरति, जग की मायाजाल,अडिग खड़े राम-शिशु, न...
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अनुकूल चंद्र धरती पर उतरे जब ज्ञान और भक्ति के दीपक,अनुकूल चंद्र ने...
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कैकयी कौन कहे—स्त्री का नाम केवल कलंक का दीप है?कैकयी की...
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श्रुतकीर्ति मिथिला की वल्लभा, जनक-कुल की शान,सीता की सखी, हृदय में...
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राष्ट्रकवि दिनकर कलम से निकली ज्वाला थी,अन्याय पर जो ढाल...
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ऋषि याज्ञवल्क्य जनक सभा में जब प्रश्न बरसे,दार्शनिक गाथाएँ को आकाश...
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माण्डवी राम का यश जब गूंज रहा था,सीता की छवि सबको भा रही थी,महलों के...
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नवरात्र स्तुति शारदा-शिखर-शीतल कश्मीर की वादियों में,बर्फीली हवा...
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Transcendent Love Shall I speak through fields of golden wheat,or in doves whose wings beat a gentle hymn?In their flight, my heart rises, untamed,drenched in the sunlight of a...
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