महावीर-हुंकार
- Poems
- 3rd April 2026
॥ महावीर-हुंकार ॥ दो राहों पर खड़ा समय, रथ का घर्घर-नाद सुनो,नभ के...
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॥ महावीर-हुंकार ॥ दो राहों पर खड़ा समय, रथ का घर्घर-नाद सुनो,नभ के...
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Chirps of Love Morning slips in through measured light,Brushing gold on feathers bright,Two small souls on a wooden line,Holding skies in a space confined. They have not chased...
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वह स्वर जो कभी मौन नहीं हुआवह जन्मी थी किसी सहज सुबह की तरह नहीं,न ही...
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बैसाखी स्वर्ण-शिखाओं के आँगन में, जब काल-चक्र मुड़ जाता हैतब कृषक के...
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नव भारत का उदय छोड़ो रूढ़ियों की बेड़ियाँ, अब समता का उजियारा...
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वक्त की दहलीज़ और एक अक्स दस साल की गर्द में कितने ही मौसम बदल...
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भगवान परशुराम धरा पर जब-जब बढ़ा अधर्म, और कांपी मर्यादा की नींव,तब...
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अक्षरों का अनंत विस्तार मौन खड़ी ये आलमारियाँ, इतिहास स्वयं...
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“नशा” हमारे नशे कड़े हैं—शराब से भी ज़्यादा,क्योंकि ये उतरते...
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मौन का अनुष्ठान मांग के सिंदूर और ललाट की उस शांत बिंदु के बीचएक...
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