जन्माष्टमी
- Poems
- 26th August 2024
जन्माष्टमी भाद्रपद अष्टमदिन रात्री बड़ा रिमझिम...
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जय महाकाल ब्रह्मांड जिसके नेत्रों में,भृकुटियों में काल हो,देवों...
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जज्बातों का मरहम लोग कहते हैं वक़्त के साथ तो बदलना ज़रूरी...
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खुशी की बस्ती खुशी का अहसास तो सबके पास है,जैसे कोई दूर है और बहुत खास...
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कुछ पता नहीं आवाजें कब शोर बन गई पता नहीं,खामोशी कब तनहाई बन गई पता...
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समय क्या बकबास है? राम रहीम की धरा परमानवता की जड़ता परफैल रहा है घर-घर...
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राधा–श्याम सागर मंथन की मोहिनी,अमृत-कलश की संगिनी,भव-भावों से भरी...
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अस्मिता 'मैं' का अस्मिता 'मैं' का, विमर्श में तय होने लगा,किरदार किसी...
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कैसा है चाँद? संज्ञा यह विशेष है,सार्थक सब संदेश है।रात में फ़कीर...
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रफा-दफा दबी हुई आह के गिरफ्त में हूँ मैं,दीद के दहक के फेहरिस्त में...
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